सनातनधर्म के प्रवर्तक कौन हैं ?

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                                 सनातन धर्म के प्रवर्तक

                                                                  

                                                                  

                                                      



यह अनादि धर्म नहीं है । यह शास्वत सत्य  धर्म है । इसका समय के आधार पर  न आदि है न अंत है । जिस धर्म को कोई शुरू करता है उसे उस धर्म का प्रवर्तक कहा जाता है । स्वयं परमात्मा इसके  प्रवर्तक हैं | सनातनधर्म सदा चलता ही रहता है लेकिन सनातन धर्म की हानि होने पर परमात्मा इसकी पुनः  संस्थापन करते हें  | सनातन धर्म भगवत स्वरूप ही है ।

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