भक्तों का पक्ष क्यों लेते हैं ?
भक्त भगवान से गीता के माध्यम से जुड़े होते हैं । भगवान को अपना मानते हैं । योग मार्ग का पालन अभक्त नहीं करते । अभक्त में अपना बल और भक्त में भगवान का ही बल होता है इसलिए समदर्शी होकर भी भगवान पुकारने वाले भक्त की मदद करते हैं और सनातन का पक्ष लिये है।